झारखंड के कुख्यात गैंगस्टर सुजीत सिन्हा पुलिस मुठभेड़ में ढेर, जेल शिफ्टिंग के दौरान भागने की कोशिश नाकाम

जामताड़ा

झारखंड पुलिस की बड़ी कार्रवाई में राज्य के सबसे सक्रिय गैंगस्टरों में शुमार सुजीत सिन्हा रविवार रात करीब 9:29 बजे पुलिस मुठभेड़ में मारा गया। घटना जामताड़ा जिले के साहिबगंज-गोविंदपुर हाईवे पर थाना क्षेत्र के सुपाईडीह गांव के शंभु लाइन होटल के पास हुई।

सुजीत सिन्हा को सुरक्षा कारणों से साहिबगंज जेल से धनबाद जेल शिफ्ट किया जा रहा था। चार गाड़ियों के काफिले के साथ दोपहर करीब तीन बजे टीम साहिबगंज से रवाना हुई। हाईवे पर कैदी वैन पंक्चर हो गई। उसे दूसरी गाड़ी में शिफ्ट किया जा रहा था, तभी सुजीत ने टॉयलेट जाने की मांग की। गाड़ी से उतरते ही उसने एक पुलिसकर्मी का हथियार छीन लिया और फायरिंग करते हुए भागने की कोशिश की। पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें सुजीत सिन्हा को गोली लगी और वह मौके पर ही ढेर हो गया। घटनास्थल पर पहुंची डॉक्टरों की टीम ने मौत की पुष्टि की।

जामताड़ा एसपी शंभु कुमार सिंह (शंभु सिंह) सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे। पूरे इलाके की घेराबंदी की गई, फॉरेंसिक टीम बुलाई गई और जांच शुरू कर दी गई। पुलिस पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच कर रही है और जल्द प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आधिकारिक जानकारी देने वाली है।

सुजीत सिन्हा कौन था?

  • मूल निवासी: पलामू जिले के मेदिनीनगर (डाल्टनगंज) के रेड़मा मोहल्ले का रहने वाला।
  • आपराधिक रिकॉर्ड: उसके खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, रंगदारी, लेवी वसूली, आर्म्स एक्ट, आपराधिक षड्यंत्र और संगठित अपराध समेत 60 से 75 मामले दर्ज थे।
  • नेटवर्क: पलामू, गढ़वा, लातेहार, रांची, धनबाद, चतरा, रामगढ़, हजारीबाग आदि जिलों तक फैला हुआ। कोयला कारोबार, सड़क निर्माण, ठेकेदारी, क्रशर, ट्रांसपोर्ट आदि से लेवी वसूलने के आरोप।
  • पृष्ठभूमि: पहले दिवंगत गैंगस्टर सुशील श्रीवास्तव के गिरोह से जुड़ा था, बाद में अपना स्वतंत्र नेटवर्क खड़ा किया। जेल में बंद रहते हुए भी गिरोह चलाने का आरोप। एनआईए और झारखंड सीआईडी ने उसके कई मामलों की जांच की थी, जिसमें कोयला परिवहन से जुड़ी आगजनी और फायरिंग के मामले शामिल थे।

पुलिस को आशंका थी कि उसके गिरोह के सदस्य जेल शिफ्टिंग के दौरान छुड़ाने की कोशिश कर सकते हैं, इसलिए विशेष सुरक्षा इंतजाम किए गए थे। हाल ही में 9 अक्टूबर 2025 को उसे मेदिनीनगर से साहिबगंज जेल शिफ्ट किया गया था।

घटना के बाद की स्थिति

मुठभेड़ के बाद हाईवे पर यातायात कुछ समय के लिए प्रभावित रहा। पुलिस ने इलाके में चप्पे-चप्पे पर नाकेबंदी कर तलाशी अभियान चलाया। पूरे मामले में आत्मरक्षा में की गई कार्रवाई बताई जा रही है।

सुजीत सिन्हा के मारे जाने की खबर उसके गिरोह में दहशत का माहौल पैदा कर सकती है। पुलिस अब उसके सहयोगियों और पूरे नेटवर्क पर शिकंजा कसने की तैयारी में है।

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