रांची: जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर विभिन्न छात्र संगठनों और गुटों का आंदोलन जारी है। शनिवार (8 अगस्त 2026) को स्थिति और तनावपूर्ण हो गई, जब अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया। वहीं, सरकारी प्रतिनिधियों और छात्र आंदोलनकारियों के बीच उच्च स्तरीय बैठक बेनतीजा रही, जिसके बाद छात्रों ने 10 अगस्त को विधानसभा घेराव की घोषणा कर दी है। इसके साथ ही मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है।
सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका
JPSC की संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2025 में कथित अनियमितताओं का मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच चुका है। सामाजिक कार्यकर्ता और राजनीतिक नेता हरिशरण देवगन ने सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका (PIL) दाखिल की है। याचिका में JPSC और JSSC परीक्षाओं की जांच की मांग की गई है। हालांकि, फिलहाल यह PIL सुनवाई के लिए सूचीबद्ध नहीं हुआ है।
छात्रों का आरोप है कि 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा सहित पिछले वर्षों की कई भर्ती परीक्षाओं में धांधली, OMR शीट में गड़बड़ी, कट-ऑफ न जारी करना, मेरिट लिस्ट पर सवाल और एजेंसियों की भूमिका को लेकर पारदर्शिता की कमी रही है। CID जांच में कई गिरफ्तारियां भी हुई हैं, जिनमें परीक्षा एजेंसी से जुड़े लोग शामिल हैं। JPSC ने मुख्य परीक्षा सहित कई परीक्षाओं को स्थगित कर दिया है।
ABVP का विरोध मार्च और पुलिस के साथ नोकझोंक
ABVP छात्र संगठन ने JPSC और JSSC द्वारा आयोजित प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और धांधली के खिलाफ विरोध मार्च निकाला। यह मार्च डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय परिसर से शुरू होकर मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ा। मार्च के दौरान छात्रों और पुलिस-प्रशासन के बीच तीखी नोकझोंक हुई। उग्र कार्यकर्ताओं ने सुरक्षा के लिए लगाए गए दो बैरिकेडिंग तोड़ दिए और आगे बढ़ते हुए मुख्यमंत्री आवास के समीप स्थित ऐतिहासिक सिद्धू-कान्हू पार्क के पास तक पहुंच गए।
छात्रों के अचानक सीएम आवास के करीब पहुंचने और प्रदर्शन की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने उन्हें रोक दिया। पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। मुख्यमंत्री आवास और आसपास के संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तथा दंगा रोधी दस्तों की तैनाती की गई है।
सरकार-छात्र बैठक बेनतीजा, विधानसभा घेराव का ऐलान
झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच गतिरोध थमता नजर नहीं आ रहा है। शनिवार को सरकारी प्रतिनिधियों और छात्र आंदोलनकारियों के बीच हुई उच्च स्तरीय बैठक बिना किसी ठोस नतीजे के समाप्त हो गई। परीक्षाओं को रद्द करने तथा नियमों में बदलाव की शॉर्ट-टर्म और लॉन्ग-टर्म मांगों पर पेंच फंसने से बातचीत किसी तार्किक निष्कर्ष पर नहीं पहुंच सकी।
इस विफलता से आक्रोशित छात्रों ने अब आर-पार की लड़ाई का ऐलान करते हुए विधानसभा घेराव की घोषणा की है। जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में छात्रों का अनिश्चितकालीन आंदोलन कई दिनों से जारी है। उनकी प्रमुख मांगें हैं—14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा रद्द करना, विवादित परीक्षाओं की CBI जांच, पिछले वर्षों की भर्ती प्रक्रियाओं की समीक्षा, दोषियों पर कार्रवाई और JPSC-JSSC में व्यापक सुधार।
छात्र संगठनों का कहना है कि मांगें पूरी नहीं होने तक आंदोलन जारी रहेगा। प्रशासनिक अधिकारी भी छात्रों से मुलाकात कर रहे हैं, लेकिन फिलहाल समाधान निकलता नहीं दिख रहा। पूरे राज्य में युवाओं का गुस्सा बढ़ता जा रहा है, क्योंकि भर्ती परीक्षाओं में बार-बार उठने वाले विवादों से हजारों अभ्यर्थियों का भविष्य प्रभावित हो रहा है।

