एनसीईआरटी एवं अन्य शैक्षणिक संस्थानों में संताली भाषा की पाठ्यपुस्तकें ओलचिकी लिपि में उपलब्ध कराने की मांग

दुमका (संताल परगना)

संताली भाषा के संरक्षण, संवर्धन एवं शैक्षणिक विकास को लेकर परसी आरीचाली मरांग बुरु आखड़ा, दुमका के बैनर तले संताल परगना के विभिन्न आदिवासी सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधिमंडल ने जमशेदपुर में झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं ओडिशा के पूर्व राज्यपाल रघुवर दास से मुलाकात की।

प्रतिनिधिमंडल ने उन्हें लिखित आवेदन सौंपते हुए मांग की कि केंद्र सरकार के अधीन एनसीईआरटी एवं अन्य संबंधित शैक्षणिक संस्थानों द्वारा संताली भाषा की सभी पाठ्यपुस्तकों, संदर्भ सामग्री, शिक्षक मार्गदर्शिकाओं, शैक्षणिक प्रकाशनों तथा डिजिटल शैक्षणिक संसाधनों का प्रकाशन एवं उपलब्धता ओलचिकी लिपि में सुनिश्चित की जाए।

प्रतिनिधिमंडल की मांग पर रघुवर दास ने त्वरित संज्ञान लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री प्रल्हाद जोशी को पत्र लिखा। पत्र में उन्होंने संताली भाषा की सभी पाठ्यपुस्तकों, संदर्भ सामग्री, शिक्षक मार्गदर्शिकाओं एवं डिजिटल शैक्षणिक संसाधनों को ओलचिकी लिपि में प्रकाशित और उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक पहल करने का अनुरोध किया है।

आदिवासी संगठनों ने रघुवर दास द्वारा इस विषय को गंभीरता से लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री का ध्यान आकृष्ट कराने के लिए आभार व्यक्त किया। संगठनों ने कहा कि संताली भाषा भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल भाषा है और इसकी अपनी मौलिक ओलचिकी लिपि है। ऐसे में संताली भाषा के शैक्षणिक विकास एवं व्यापक उपयोग के लिए सरकारी पाठ्यपुस्तकों और शैक्षणिक संसाधनों का ओलचिकी लिपि में उपलब्ध होना अत्यंत आवश्यक है।

सभी संगठनों ने विश्वास व्यक्त किया कि भारत सरकार संताली भाषा के भाषाई अधिकारों, उसकी मौलिक ओलचिकी लिपि तथा समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए इस मांग पर सकारात्मक एवं आवश्यक निर्णय लेगी। साथ ही झारखंड सहित देश-विदेश में रहने वाले करोड़ों संताली भाषियों की भावनाओं का सम्मान करेगी। इस अवसर पर परसी आरीचाली मरांग बुरु आखड़ा के बैनर तले मरांग बुरु आखड़ा, संताल एसोसिएशन फॉर अवेयरनेस एंड रिफॉर्म, खेरवाड़ सांवता ऐभेन बाईसी, ऑल चिकी हुल बाईसी, दिसोम मरांग बुरु युग जाहेर आखड़ा तथा दिसोम मरांग बुरु संताली आरीचाली आर लेगचार आखड़ा सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों ने संयुक्त रूप से आवेदन सौंपा।प्रतिनिधिमंडल में परेश मुर्मू, सेवेन मुर्मू, सुभाष किस्कू, संजय मुर्मू, एंथोनी किस्कू, अनुप हांसदा सहित अन्य प्रतिनिधि उपस्थित थे।

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