हजारीबाग,
हजारीबाग। आदिवासी छात्र संघ एवं भारतीय आदिवासी कल्याण सेवा समिति के तत्वावधान में बुधवार को विनोबा भावे विश्वविद्यालय के समक्ष संथाली भाषा पोर्टल खोलने की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरना आयोजित किया गया। प्रदर्शनकारियों ने संत कोलंबस कॉलेज के अलावा विश्वविद्यालय से संबद्ध सभी कॉलेजों में संथाली भाषा पोर्टल खोलने की मांग की।
विश्वविद्यालय प्रशासन के आग्रह पर कुलपति एवं कुलसचिव से 06 अगस्त 2026 को वार्ता के लिए समय निर्धारित किए जाने के बाद धरना को स्थगित कर दिया गया।
धरने में मुख्य रूप से जिला विकास समन्वय एवं मूल्यांकन समिति के मनोनीत सदस्य रमेश कुमार हेम्ब्रोम उपस्थित थे। श्री हेम्ब्रोम ने सरकार से मांग की कि विश्वविद्यालय में संथाली भाषा के साथ कुड़ुख एवं मुंडारी भाषा के पद सृजित किए जाएं तथा स्नातकोत्तर (पीजी) स्तर की पढ़ाई शुरू की जाए, ताकि विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने में कोई परेशानी न हो। उन्होंने कहा कि विनोबा भावे विश्वविद्यालय में जनजातीय अध्ययन केंद्र बनकर तैयार है और तीन बार उद्घाटन भी हो चुका है, लेकिन यह भवन अब खंडहर होने की कगार पर है।
धरने में आदिवासी छात्र संघ के केंद्रीय उपाध्यक्ष सुशील ओड़िया, भारतीय आदिवासी कल्याण सेवा समिति के सचिव सुधीर बास्के, आदिवासी छात्र संघ के जिला अध्यक्ष पप्पू एक्का, रवि लिंडा, संथाली भाषा के प्रोफेसर विन्सेंट हेम्ब्रोम, मेघलाल सोरेन, प्रदीप उरांव, अनिल टुडू, प्रिंस टोप्पो, दिलीप किस्कू, प्रवीण हेम्ब्रोम, बागवन मुर्मू, दिवाक मुर्मू, लक्ष्मी सोरेन, प्रियंका किस्कू, सोरेन किस्कू, आशा टुडू सहित सैकड़ों विद्यार्थी शामिल हुए।

