झारखंड में वज्रपात का कहर: दुमका-गिरिडीह में 12 लोगों की मौत, 20 से अधिक घायल

दुमका/गिरिडीह

झारखंड के दुमका और गिरिडीह जिलों में मंगलवार को तेज आंधी-बारिश के दौरान वज्रपात ने भारी तबाही मचाई। अलग-अलग घटनाओं में कम से कम 12 लोगों की मौत हो गई, जबकि 20 से अधिक लोग घायल हुए हैं। मृतकों में किसान, महिला और किशोर शामिल हैं। लगातार हो रही वज्रपात की घटनाओं से कई गांवों में मातम और दहशत का माहौल है।

दुमका में तीन लोगों की मौत

दुमका जिले के रामगढ़ प्रखंड में मंगलवार दोपहर तेज बारिश और गरज के बीच अलग-अलग जगहों पर वज्रपात की घटनाओं में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं।

सबसे दर्दनाक घटना छोटी रणबहियार पंचायत के गिडबन्ना गांव में हुई। यहां 20 वर्षीय अल्तामुनी मरांडी अपने परिवार के साथ धान के खेत में काम कर रही थीं। इसी दौरान वज्रपात की चपेट में आने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। उनके पति राजेंद्र मुर्मू और चार वर्षीय बेटी भी गंभीर रूप से झुलस गए। दोनों को पहले रामगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां से बेहतर इलाज के लिए फूलो-झानो मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, दुमका रेफर किया गया।

इसी पंचायत के खुदीमेरखो गांव में 30 वर्षीय बाबूलाल हेम्ब्रम खेत में काम कर रहे थे। भारी बारिश के बीच वज्रपात की चपेट में आने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

वहीं कांजी पंचायत के डुमरजोर गांव में 35 वर्षीय रोहित कुंवर, पिता भैरो कुंवर, कृषि कार्य के दौरान वज्रपात की चपेट में आ गए। उन्हें रामगढ़ सीएचसी ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

दुमका के अलुवाड़ा गांव में बबीता देवी और चिंता देवी भी वज्रपात की चपेट में आकर घायल हुई हैं और एक निजी क्लीनिक में इलाजरत हैं। उनकी स्थिति स्थिर बताई गई है। वहीं तेलोंधा गांव में चुरका टुडू और देवघरिया मांझी गंभीर रूप से झुलस गए हैं और उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है।

गिरिडीह में नौ लोगों की मौत, 10 घायल

गिरिडीह जिले में वज्रपात से नौ लोगों की मौत और 10 लोगों के घायल होने की सूचना है।

सबसे भयावह घटना देवरी थाना क्षेत्र के देवपहाड़ी में हुई, जहां गोसाईं आहर के पास बैठे चार किशोर वज्रपात की चपेट में आ गए। चारों की मौत हो गई, जबकि एक अन्य किशोर गंभीर रूप से घायल हो गया। मृतकों में एक ही परिवार के तीन बच्चे शामिल हैं।

बांसडीह पंचायत के तिलयडीह गांव में खेत में काम कर रहे संतोष तिवारी की वज्रपात से मौत हो गई, जबकि एक अन्य व्यक्ति घायल हुआ है।

इसके अलावा गावां थाना क्षेत्र के पटना गांव की पूनम देवी, बिरनी में हनूश मियां, बगोदर थाना क्षेत्र में काम कर रहे लातेहार निवासी मजदूर समीर गिद और जमुआ थाना क्षेत्र के बागेडीह गांव की आरती देवी की भी वज्रपात से मौत हुई है।

घटनाओं की जानकारी मिलने के बाद जमुआ विधायक मंजू कुमारी देवपहाड़ी पहुंचीं और मृतकों के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी। उन्होंने गांवों में तड़ित चालक (Lightning Arrester) लगाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

प्रशासन ने जारी की सावधानी की अपील

दुमका और गिरिडीह में लगातार हुई वज्रपात की घटनाओं के बाद ग्रामीण इलाकों में भय का माहौल है। खासकर कृषि कार्य में जुटे किसानों और मजदूरों को लेकर चिंता बढ़ गई है।

प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, खेत और पेड़ के नीचे जाने से बचने तथा संभव हो तो सुरक्षित स्थान पर रहने की अपील की है। प्रभावित परिवारों ने प्रशासन से तत्काल आर्थिक सहायता और मुआवजे की मांग की है।

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