नेमरा में तनाव के बीच शुरू हुई भर्ती सुधार यात्रा, ग्रामीणों ने किया विरोध

रामगढ़: भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा के तहत छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने सोमवार को झारखंड के सभी 24 जिलों में ‘24 संकल्प यात्रा’ का आगाज किया। यात्रा की शुरुआत रामगढ़ जिले के नेमरा गांव के पास लुकैया टॉड स्थित दिशोम गुरु शिबू सोरेन की आदम कद प्रतिमा पर चरण स्पर्श और प्रणाम के साथ हुई।

भारी बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में छात्र मौजूद रहे। इस दौरान देवेंद्र नाथ महतो ने परिसर में एक सखुआ (साल) का पेड़ लगाया और 24 जिलों में 24 संकल्प के साथ यात्रा को सफल बनाने का गुरु जी से आशीर्वाद लिया। कार्यक्रम स्थल से वे खुद मिनी बस चलाकर रवाना हुए।

पत्रकारों से बात करते हुए देवेंद्र नाथ महतो ने कहा, “यह सिर्फ यात्रा नहीं, बल्कि झारखंड के नव निर्माण की यात्रा है। हम दिशोम गुरु शिबू सोरेन की धरती से झारखंड के पितामह शहीद निर्मल महतो, शेख भिखारी, विनोद महतो, शहीद चांद-भैरव, फूलो-झानो सहित तमाम शहीदों का सम्मान करते हुए सखुआ वृक्ष का रोपण कर यात्रा की शुरुआत कर रहे हैं।” उन्होंने भर्ती व्यवस्था में सुधार, पारदर्शिता और धांधली-मुक्त परीक्षाओं की मांग दोहराई।

यात्रा का रूट

यात्रा रामगढ़ से शुरू होकर हजारीबाग, चतरा, कोडरमा, गिरिडीह होते हुए संथाल परगना के देवघर, दुमका, गोड्डा, साहिबगंज सहित राज्य के सभी 24 जिलों का भ्रमण करेगी। इसका समापन रांची में विशाल जनसभा के रूप में होने की तैयारी है।

यात्रा में शामिल महिला छात्र नेत्री पूजा महतो ने कहा कि जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में चल रहे आंदोलन से छात्र खुश थे, लेकिन बाद में निराशा हाथ लगी। इसलिए आज शिबू सोरेन की प्रतिमा पर फूल अर्पित कर आगे की यात्रा आरंभ की जा रही है, ताकि छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ न हो।

नेमरा में तनाव और नाकेबंदी

इससे पहले दिनभर गांव वालों ने नेमरा में नाकेबंदी कर रखी थी। जेपीएससी आंदोलन के मुख्य चेहरे देवेंद्र नाथ महतो द्वारा भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा के तहत मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के पैतृक गांव नेमरा जाने के ऐलान के बाद ग्रामीणों ने उन्हें रोकने की तैयारी कर ली थी। पारंपरिक हथियारों (कुल्हाड़ी, फरसा, धनुष-तीर आदि) से लैस ग्रामीण गांव की सीमा पर डटे रहे।

ग्रामीणों को सूचना थी कि छात्र नेता मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला दहन भी कर सकते हैं। इसलिए उन्होंने मांझी हड़ाम (ग्राम प्रधान) की अनुमति के बिना किसी बाहरी व्यक्ति को गांव में प्रवेश नहीं देने का फैसला लिया। ग्रामीण रामधन सोरेन और रामलाल टुडू ने कहा कि हेमंत सोरेन उनके गांव के प्रधान और मांझी हड़ाम हैं, इसलिए बिना उनके आदेश के किसी को गांव में नहीं घुसने दिया जाएगा।

पुलिस बल की तैनाती के बीच स्थिति तनावपूर्ण रही, लेकिन देवेंद्र नाथ महतो और उनके समर्थकों ने प्रतिमा स्थल पर कार्यक्रम पूरा कर यात्रा आगे बढ़ाई।

यह यात्रा जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ चल रहे छात्र आंदोलन का अगला चरण है। इसमें पारदर्शी और भ्रष्टाचार-मुक्त भर्ती व्यवस्था की मांग को लेकर राज्यभर में जागरूकता फैलाने का लक्ष्य रखा गया है।

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