जमशेदपुर: 22 लाख रुपये के इनामी तीन हार्डकोर माओवादी गिरफ्तार, AK-47 समेत हथियार बरामद

जमशेदपुर: झारखंड में चलाए जा रहे नक्सल विरोधी अभियान के तहत सुरक्षा बलों को बुधवार को बड़ी सफलता मिली। झारखंड पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की संयुक्त टीम ने सरायकेला-खरसावां जिले में प्रतिबंधित CPI (माओवादी) के तीन हार्डकोर सदस्यों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार तीनों माओवादियों पर कुल 22 लाख रुपये का इनाम घोषित था। उनके पास से अत्याधुनिक हथियार, बड़ी मात्रा में कारतूस और संचार उपकरण बरामद किए गए हैं।

गिरफ्तार माओवादियों की पहचान जोनल कमेटी सदस्य मदन महतो उर्फ शंकर उर्फ चरण के रूप में हुई है, जिस पर 15 लाख रुपये का इनाम था। इसके अलावा सागर सिंह उर्फ रवि सरदार उर्फ बीरन पर 5 लाख रुपये और मीना पहाड़िया उर्फ मीना पर 2 लाख रुपये का इनाम घोषित था।

अभियान के दौरान सुरक्षा बलों ने एक AK-47 राइफल, 9 एमएम पिस्तौल, बड़ी मात्रा में जिंदा कारतूस, वॉकी-टॉकी और अन्य सामान बरामद किया। अधिकारियों ने इस कार्रवाई को कोल्हान क्षेत्र में सक्रिय माओवादी नेटवर्क के लिए बड़ा झटका बताया है।

सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, सारंडा के जंगलों में सुरक्षा बलों के लगातार दबाव के बाद माओवादी दस्तों ने दलमा क्षेत्र की ओर अपना रुख किया था। खुफिया सूचनाओं के आधार पर उनकी गतिविधियों पर कुछ समय से नजर रखी जा रही थी।

जिले में माओवादी कैडरों के छिपे होने की सूचना मिलने के बाद सरायकेला-खरसावां के पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार स्वर्गियारी के नेतृत्व में पुलिस ने CRPF जवानों के साथ मिलकर कांड्रा थाना क्षेत्र में घेराबंदी और तलाशी अभियान शुरू किया।

अभियान के दौरान सागर सिंह को एक ठिकाने से गिरफ्तार किया गया और उसके पास से हथियार बरामद किए गए। पूछताछ के दौरान पुलिस को मदन महतो और मीना पहाड़िया के ठिकानों के बारे में जानकारी मिली। इसके बाद चांडिल के कंदरबेड़ा क्षेत्र में चलाए गए अभियान में दोनों को भी गिरफ्तार कर लिया गया।

जांच अधिकारियों के मुताबिक, पश्चिम बंगाल के पश्चिम मेदिनीपुर जिले के करमासोल गांव निवासी मदन महतो क्षेत्र में सक्रिय प्रमुख माओवादी नेताओं में शामिल था। प्रतिबंधित संगठन की जोनल कमेटी का सदस्य मदन महतो कथित तौर पर सशस्त्र दस्तों का नेतृत्व करने, नए कैडरों की भर्ती, सुरक्षा बलों पर हमले की योजना बनाने और झारखंड समेत आसपास के इलाकों में माओवादी नेटवर्क मजबूत करने में सक्रिय भूमिका निभाता था।

सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि मदन महतो वरिष्ठ माओवादी नेता असीम मंडल उर्फ आकाश के साथ करीबी तौर पर काम करता था और संगठन की गतिविधियों में उसकी महत्वपूर्ण भूमिका थी।

वहीं, सरायकेला-खरसावां जिले के नीमडीह थाना क्षेत्र के बेनाडीह टोला निवासी सागर सिंह दलमा और सारंडा के जंगलों के साथ-साथ झारखंड-पश्चिम बंगाल सीमा क्षेत्र में सक्रिय था। पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी पर 5 लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा था।

मदन महतो के साथ गिरफ्तार मीना पहाड़िया, सागर सिंह की पत्नी है और सक्रिय माओवादी कैडर बताई जा रही है। पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिले के घाटबेड़ा की रहने वाली मीना पर झारखंड और पश्चिम बंगाल की सीमा से लगे जंगलों में माओवादी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप है। उसकी गिरफ्तारी पर 2 लाख रुपये का इनाम घोषित था।

पुलिस अधिकारियों को उम्मीद है कि गिरफ्तार माओवादियों से पूछताछ के दौरान कोल्हान, दलमा और आसपास के जंगलों में सक्रिय माओवादी नेटवर्क के संबंध में महत्वपूर्ण सुराग मिल सकते हैं। अधिकारियों ने कहा कि क्षेत्र को उग्रवाद के प्रभाव से पूरी तरह मुक्त कराने तक नक्सल विरोधी अभियान पूरी मजबूती के साथ जारी रहेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *